West Bengal OBC Reservation को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा ने दो महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पारित किए हैं। इन संशोधनों के तहत राज्य में 66 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदायों को सरकारी नौकरियों और सेवाओं में 7% आरक्षण दिया जाएगा। सरकार ने कहा कि यह बदलाव 2024 में कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले के अनुरूप किया गया है, जिसमें वर्ष 2010 के बाद जारी किए गए कई OBC प्रमाणपत्रों और बाद में जोड़ी गई श्रेणियों पर सवाल उठाते हुए उन्हें निरस्त कर दिया गया था।
विधानसभा में कौन-से विधेयक पारित हुए?
West Bengal OBC Reservation व्यवस्था में बदलाव के लिए विधानसभा ने दो संशोधन विधेयक पारित किए—
- West Bengal Backward Classes (Other than SC and ST) Reservation of Vacancies in Services and Posts (Amendment) Bill, 2026
- West Bengal Commission for Backward Classes (Amendment) Bill, 2026
इन विधेयकों का उद्देश्य राज्य के OBC आरक्षण ढांचे को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप संशोधित करना है।
क्या बदला है?
West Bengal OBC Reservation के नए ढांचे के तहत—
- सरकारी नौकरियों में OBC आरक्षण 7% निर्धारित किया गया है।
- मान्यता प्राप्त OBC समुदायों की संख्या 66 कर दी गई है।
- वर्ष 2010 के बाद जोड़े गए कई समुदायों को नई सूची से बाहर रखा गया है।
- सरकार का कहना है कि नई सूची न्यायिक निर्देशों और वैधानिक प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई है।
हाई कोर्ट का फैसला क्यों महत्वपूर्ण था?
West Bengal OBC Reservation को लेकर मई 2024 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा था कि वर्ष 2010 के बाद जारी किए गए कई OBC प्रमाणपत्र संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थे। अदालत ने इन प्रमाणपत्रों को रद्द करते हुए राज्य सरकार को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार नई व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया था। हालांकि, पहले से प्राप्त लाभों को प्रभावित नहीं किया गया।
सरकार का क्या कहना है?
राज्य सरकार का कहना है कि West Bengal OBC Reservation में किया गया संशोधन न्यायालय के आदेशों का पालन करने और आरक्षण व्यवस्था को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार के अनुसार, नई व्यवस्था से पात्र समुदायों को आरक्षण का लाभ स्पष्ट और वैधानिक आधार पर मिलेगा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विधानसभा में विधेयकों पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर अपनी अलग-अलग राय रखी। कुछ सदस्यों ने विधेयकों का समर्थन किया, जबकि कुछ ने समुदायों को सूची से हटाए जाने और आरक्षण नीति में बदलाव को लेकर सवाल उठाए। राजनीतिक दलों के बीच इस विषय पर बहस जारी है।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
West Bengal OBC Reservation में हुए बदलाव का प्रभाव मुख्य रूप से—
- सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों,
- भविष्य में OBC प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले आवेदकों,
- और राज्य की आरक्षण नीति से जुड़े प्रशासनिक ढांचे
पर पड़ेगा। जिन लोगों के मामले पहले से न्यायिक या प्रशासनिक प्रक्रिया में हैं, उनके संबंध में आगे की कार्रवाई संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी।
West Bengal OBC Reservation को लेकर पारित दोनों संशोधन विधेयक राज्य की आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव माने जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत 66 OBC समुदायों को 7% आरक्षण मिलेगा और यह ढांचा कलकत्ता हाई कोर्ट के 2024 के फैसले के अनुरूप तैयार किया गया है। आने वाले समय में सरकार द्वारा जारी विस्तृत अधिसूचनाएं और प्रशासनिक दिशा-निर्देश इस नई व्यवस्था के क्रियान्वयन को स्पष्ट करेंगे।
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