असम के कछार जिले में एक आयरन कास्टिंग यूनिट में हुए भीषण विस्फोट में चार मजदूरों की मौत के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट कहा है कि “औद्योगिक लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।“ उन्होंने हादसे की कई स्तरों पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
क्या हुआ?
रविवार को कछार जिले के पंग्राम क्षेत्र स्थित एक आयरन कास्टिंग यूनिट में संदिग्ध रूप से एलपीजी सिलेंडर विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। घायलों को तुरंत सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां चार मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट की आशंका जताई गई है।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
तीन एजेंसियों को जांच के आदेश
सरकार ने इस हादसे की अलग-अलग स्तरों पर जांच के आदेश दिए हैं।
- सिविल प्रशासन
- पुलिस विभाग
- श्रम आयुक्त (Labour Commissioner)
इन सभी एजेंसियों को विस्फोट के कारण, सुरक्षा प्रोटोकॉल और संभावित लापरवाही की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
फैक्ट्री प्रबंधन पर कार्रवाई
पुलिस ने फैक्ट्री मैनेजर सहित तीन अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच में सुरक्षा मानकों के पालन, उपकरणों की स्थिति और कार्यस्थल की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
मृतकों के परिवारों को सहायता
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक श्रमिक के परिजनों को ₹5 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन से भी अतिरिक्त मुआवजे पर चर्चा की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग फैक्ट्री के बाहर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी फैक्ट्री में छोटे स्तर के विस्फोट हो चुके थे, लेकिन उन्हें कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। इन दावों की भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विस्फोट तकनीकी खराबी, एलपीजी सिलेंडर हैंडलिंग में त्रुटि या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण हुआ।
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