अमेरिका का ईरान को अल्टीमेटम, ट्रंप बोले- ‘बिना शर्त समर्पण’ के अलावा कोई डील नहीं

हमले तेज करने की चेतावनी, लेबनान और ईरान में भारी तबाही, कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर के पार

वाशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में जंग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान के साथ “बिना शर्त समर्पण” के अलावा कोई सौदा नहीं होगा। व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप खुद तय करेंगे कि ईरान ने यह शर्त पूरी कर ली है या नहीं ।

क्या बोले ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “ईरान के साथ बिना शर्त समर्पण के अलावा कोई डील नहीं होगी।” व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इसे और स्पष्ट करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति को लगेगा कि ईरान अब अमेरिका के लिए खतरा नहीं रहा, तो समझ लिया जाएगा कि ईरान ने बिना शर्त समर्पण कर दिया है – चाहे वह खुद कहे या न कहे ।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान ऐसा नेता चुन लेता है जो उन्हें “मंजूर” हो, तो अमेरिका वहां की इकोनॉमी को दोबारा खड़ा करने में मदद करेगा ।

हमले तेज, मौतों का आंकड़ा बढ़ा

दूसरी तरफ अमेरिका और इजराइल ने ईरान और लेबनान पर हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में 3,000 से ज्यादा ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया है । वहीं इजराइल ने तेहरान और इस्फहान में भारी बमबारी की है।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल के हमलों में अब तक 1,230 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। वहीं लेबनान में मरने वालों की संख्या 200 के पार हो गई है । संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे “मानवीय तबाही” बताते हुए तुरंत बातचीत शुरू करने की अपील की है ।

आम लोगों का हाल

तेहरान में रहने वाले एक कारोबारी ने बताया, “यहां हालात बहुत डरावने हैं। लगातार धमाकों की आवाजें आ रही हैं।”  वहीं लेबनान की राजधानी बेरूत से तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं। नार्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल ने बताया कि लेबनान में करीब 3 लाख लोग अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए हैं ।

कुवैत में एक 11 साल की बच्ची ऐलेना अब्दुल्ला हुसैन की मौत हो गई। उसने मरने से दो घंटे पहले अपने पापा को फोन कर कहा था, “आई लव यू।” पापा का कहना है, “ऐसा लगा जैसे वह आखिरी बार अलविदा कह रही थी।” 

खाड़ी देश भी चपेट में

यह जंग अब खाड़ी देशों तक फैल गई है। कतर, सऊदी अरब और यूएई पर भी ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। दुबई एयरपोर्ट को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा । यात्रियों को मेट्रो सुरंगों में शिफ्ट कर दिया गया था। बहरीन पर 80 से ज्यादा मिसाइल दागी गईं ।

तेल के दाम आसमान पर

इस जंग का सबसे बड़ा असर दुनिया की इकोनॉमी पर पड़ा है। कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं । ब्रेंट क्रूड 92.69 डॉलर तक पहुंच गया, जो एक हफ्ते में करीब 30 प्रतिशत की उछाल है ।

वजह है होर्मुज जलडमरूमध्य। दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अब वहां से टैंकरों का गुजरना बंद हो गया है । एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह स्थिति बनी रही, तो तेल 100 डॉलर के पार भी जा सकता है ।

क्या बोला ईरान?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा, “मैं पड़ोसी देशों से माफी चाहता हूं जिन पर ईरान ने हमले किए। आगे से हम किसी पर हमला नहीं करेंगे, जब तक कि उन देशों से हम पर हमला न हो।” 

लेकिन अमेरिका की मांग पर उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि “बिना शर्त समर्पण” का सपना अमेरिका अपने दिल में ही दफन कर दे ।

अब देखना यह है कि यह जंग कब तक चलती है और क्या कोई देश बीच में पड़कर इसे रुकवा पाता है।