Puri Rath Yatra 2026: 2 श्रद्धालुओं की मौत, सरकार ने भगदड़ से किया इनकार

Puri Rath Yatra 2026

ओडिशा सरकार ने Puri Rath Yatra 2026 के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है, लेकिन उन खबरों का खंडन किया है जिनमें इसे भगदड़ या स्टाम्पेड की घटना बताया जा रहा था। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, दोनों मौतें अलग-अलग परिस्थितियों में हुईं और प्रारंभिक जांच में इन्हें भीड़ प्रबंधन में विफलता या भगदड़ से जोड़ने का कोई आधार नहीं मिला है।

सरकार ने कहा कि भारी बारिश और 8 से 9 लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद रथ यात्रा की सभी प्रमुख धार्मिक रस्में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुईं।

Breaking Update

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार—

  • रथ यात्रा में लगभग 8 से 9 लाख श्रद्धालु शामिल हुए।
  • दो श्रद्धालुओं की मृत्यु की पुष्टि हुई।
  • एक श्रद्धालु की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई।
  • दूसरे श्रद्धालु की मौत के कारण की जांच जारी है।
  • सरकार ने स्पष्ट किया कि कोई भगदड़ नहीं हुई और भीड़ प्रबंधन सामान्य रहा।

भीड़ बढ़ने से मची थी अफरा-तफरी

हालांकि सरकार ने भगदड़ से इनकार किया है, लेकिन गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की ‘पाहंडी’ रस्म के दौरान ग्रैंड रोड पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया था। इस दौरान कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई और दर्जनों लोगों को चिकित्सा सहायता देनी पड़ी। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में इसे “क्राउड सर्ज” या “स्टाम्पेड जैसी स्थिति” बताया गया है।

सरकार ने क्या कहा?

ओडिशा सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि रथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

सरकार के अनुसार—

  • सभी रथ निर्धारित समय पर खींचे गए।
  • सुरक्षा और चिकित्सा टीमें पूरे समय तैनात रहीं।
  • कई श्रद्धालुओं को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया।
  • दोनों मौतों को भगदड़ से जोड़ना सही नहीं है।

मेडिकल टीम रही सक्रिय

सरकारी बयान के अनुसार, यात्रा के दौरान अस्वस्थ महसूस करने वाले श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ को निगरानी के लिए अस्पताल में रखा गया।

पिछले वर्ष की घटना के बाद सुरक्षा पर विशेष ध्यान

पिछले वर्ष रथ यात्रा के दौरान हुई दुखद घटना के बाद इस बार सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, चिकित्सा दल और आपदा प्रबंधन इकाइयों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ समय के लिए दबाव की स्थिति बनी।

क्या है पूरा मामला?

घटना को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ स्वतंत्र मीडिया संस्थानों ने इसे भीड़ के अचानक बढ़ने से पैदा हुई “क्राउड सर्ज” या “स्टाम्पेड जैसी स्थिति” बताया है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे भगदड़ नहीं कहा जा सकता। आधिकारिक रूप से सरकार ने दोनों मौतों को भगदड़ से असंबंधित बताया है।

Puri Rath Yatra 2026 के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत एक दुखद घटना है। हालांकि, इस घटना की प्रकृति को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। ओडिशा सरकार का आधिकारिक रुख है कि रथ यात्रा के दौरान कोई भगदड़ नहीं हुई और दोनों मौतें अलग-अलग कारणों से हुईं। वहीं, कई समाचार संस्थानों ने भीड़ के अचानक बढ़ने और अफरा-तफरी की स्थिति का उल्लेख किया है। आगे की जांच और विस्तृत रिपोर्ट से तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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