आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने संसद में एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संकट के भारत पर पड़ने वाले असर पर तत्काल चर्चा की मांग की है। Sanjay Singh ने रविवार, 8 मार्च को राज्यसभा के सभापति को नियम 267 के तहत नोटिस दिया है, जिसमें घर के निर्धारित कामकाज को स्थगित करके इस गंभीर विषय पर बहस करने की मांग की गई है ।
ऊर्जा सुरक्षा और बढ़ती कीमतें चिंता का विषय
Sanjay Singh ने अपने नोटिस में कहा है कि पश्चिम एशिया का बढ़ता तनाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुजरने वाले तेल और गैस के रास्ते अब असुरक्षित हो गए हैं। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है ।
इस संकट की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका है। हाल ही में 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा हुआ है, जो दिल्ली में 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा । विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चलता है, तो महंगाई और बढ़ सकती है और देश का करंट अकाउंट डेफिसिट भी बढ़ेगा ।
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा
खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ये भारतीय न सिर्फ वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, बल्कि भारत को विदेशी मुद्रा (रैमिटेंसेस) भी भेजते हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत को लगभग 19 फीसदी और सऊदी अरब से 11 फीसदी रैमिटेंसेस आती हैं ।
हाल के दिनों में कतर (Qatar) और UAE में रह रहे भारतीयों ने मिसाइल हमलों के बीच रातें बिताई हैं। वहां की सरकारों ने लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है और भारतीय दूतावासों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं । विदेश मंत्रालय ने भी साफ किया है कि खाड़ी में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है ।
व्यापार और शिपिंग पर खतरा
पश्चिम एशिया भारत के लिए एक अहम व्यापारिक साझेदार है। भारत वहां दवाइयां, कृषि उत्पाद, कपड़ा और इंजीनियरिंग के सामान निर्यात करता है। संकट की वजह से शिपिंग रूट बाधित हो रहे हैं, जिससे माल ढुलाई का बीमा प्रीमियम बढ़ गया है और डिलीवरी में देरी हो रही है ।
इस संकट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। पिछले चार कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग 21,000 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं ।
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) पर असर
Sanjay Singh ने अपने नोटिस में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) पर पड़ने वाले असर की भी चिंता जताई है। यह परियोजना भारत के दीर्घकालिक व्यापार और रणनीतिक हितों के लिए बेहद अहम है। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आगे बढ़ने में मुश्किलें आ सकती हैं ।
सरकार की तैयारी और वैकल्पिक विकल्प
इन चुनौतियों के बीच सरकार ने राहत भरी जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास फिलहाल 25 दिनों का तेल भंडार उपलब्ध है । सरकार तेल और गैस के वैकल्पिक स्रोत भी तलाश रही है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों से अतिरिक्त गैस आयात की संभावनाएं देखी जा रही हैं । पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरी कदम उठाएगा ।
Sanjay Singh ने इस पूरे मामले पर संसद में तत्काल चर्चा की मांग की है ताकि देश इस संकट से निपटने के लिए एक ठोस रणनीति बना सके ।







