नई दिल्ली, Monsoon Health Tips इस समय देशभर में सबसे अधिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। मुंबई, दिल्ली सहित कई शहरों में लगातार हो रही बारिश के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को जलजनित (Waterborne) और खाद्य जनित (Foodborne) बीमारियों से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि Monsoon Health Tips अपनाकर डायरिया, टाइफाइड, हैजा, हेपेटाइटिस-ए और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मानसून में क्यों बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा?
बारिश के मौसम में नमी, गंदा पानी और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। कई जगहों पर पीने का पानी दूषित हो सकता है, जबकि खुले में बिकने वाला भोजन भी आसानी से संक्रमित हो जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस मौसम में Monsoon Health Tips का पालन करने पर विशेष जोर दे रहे हैं।
उबला या शुद्ध पानी पीना सबसे जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में हमेशा उबला हुआ या अच्छी तरह फ़िल्टर किया गया पानी ही पीना चाहिए। बाहर निकलते समय अपनी पानी की बोतल साथ रखना भी बेहतर माना जाता है। दूषित पानी पीने से डायरिया, हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। Monsoon Health Tips में सुरक्षित पेयजल को सबसे महत्वपूर्ण सलाह माना गया है।
हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोएं
बारिश के मौसम में पालक, मेथी, पत्ता गोभी और अन्य पत्तेदार सब्जियों पर मिट्टी, कीड़े और बैक्टीरिया अधिक मात्रा में चिपक सकते हैं। यदि इनका सेवन करना हो तो इन्हें अच्छी तरह साफ पानी से धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाएं। कई विशेषज्ञ भारी बारिश के दौरान कच्ची पत्तेदार सब्जियां खाने से बचने की सलाह भी देते हैं। Monsoon Health Tips के तहत यह एक महत्वपूर्ण सावधानी मानी जाती है।
स्ट्रीट फूड खाने से क्यों बचने की सलाह?
बारिश के दौरान खुले में बिकने वाले गोलगप्पे, चाट, पकौड़े, कटे फल और अन्य स्ट्रीट फूड जल्दी दूषित हो सकते हैं। गंदा पानी, मक्खियां और साफ-सफाई की कमी फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ा देती है। डॉक्टरों का कहना है कि मानसून में ताजा, गर्म और घर का बना भोजन सबसे सुरक्षित विकल्प है। Monsoon Health Tips में स्ट्रीट फूड से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
हाथों की सफाई भी है बेहद जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भोजन करने से पहले और बाहर से घर आने के बाद साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं। इससे बैक्टीरिया और वायरस के संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। यदि साबुन उपलब्ध न हो तो अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग किया जा सकता है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यदि लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार, पेट दर्द, कमजोरी या शरीर में पानी की कमी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज न मिलने पर जलजनित संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
डॉक्टरों की मुख्य सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मानसून के दौरान लोगों को निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दी है—
- हमेशा उबला या फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएं।
- ताजा और गर्म भोजन ही खाएं।
- हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करें।
- खुले में बिकने वाले स्ट्रीट फूड और कटे फलों से बचें।
- भोजन से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं।
- किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
विशेषज्ञों का कहना है कि Monsoon Health Tips को दैनिक जीवन में अपनाने से अधिकांश मौसमी संक्रमणों और फूड पॉइजनिंग के मामलों से बचाव संभव है।
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