Khelo India Mission: खेल क्षेत्र को नई रफ्तार,₹500 करोड़, RCB डील को CCI मंजूरी

Khelo India Mission

नई दिल्ली। Khelo India Mission के तहत केंद्र सरकार ने खेल क्षेत्र को नई दिशा देने की घोषणा की है। केंद्रीय बजट 2026-27 में ‘खेलो इंडिया मिशन’ की शुरुआत करते हुए खेल पारिस्थितिकी तंत्र (Sports Ecosystem) को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार ने पहली बार खेल सामग्री (Sports Goods) के निर्माण, अनुसंधान और नवाचार के लिए ₹500 करोड़ का विशेष प्रावधान किया है। दूसरी ओर, खेल कारोबार से जुड़ी एक बड़ी कॉर्पोरेट खबर में Competition Commission of India (CCI) ने Royal Challengers Sports Pvt. Ltd. (RCSPL) के 100% अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।

बजट में खेल क्षेत्र को मिला बड़ा प्रोत्साहन

Khelo India Mission को अगले दशक के लिए एक व्यापक रणनीति के रूप में पेश किया गया है। सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि खेल को रोजगार, विनिर्माण, अनुसंधान और आर्थिक विकास से जोड़ना भी है।

बजट के अनुसार खेल मंत्रालय के कुल आवंटन में बढ़ोतरी की गई है। मिशन के तहत खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल विज्ञान, प्रशिक्षकों का विकास, प्रतियोगिताओं का विस्तार और खेल अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹500 करोड़ का अलग प्रावधान किया गया है ताकि भारत विश्वस्तरीय और किफायती खेल सामग्री का प्रमुख निर्माता बन सके।

स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण से क्या होगा फायदा?

Khelo India Mission के अंतर्गत ₹500 करोड़ का निवेश कई क्षेत्रों को लाभ पहुंचा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे—

  • खेल सामग्री निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
  • ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी।
  • मेरठ, जालंधर जैसे खेल सामग्री निर्माण केंद्रों को नया अवसर मिलेगा।
  • नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • भारतीय खेल उपकरणों का निर्यात बढ़ सकता है।
  • खिलाड़ियों को बेहतर गुणवत्ता वाले उपकरण कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं।

Khelo India Mission के प्रमुख उद्देश्य

सरकार ने मिशन के तहत खेल विकास के लिए कई प्रमुख लक्ष्य तय किए हैं।

  • जमीनी स्तर से प्रतिभाओं की पहचान और विकास।
  • खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण केंद्र।
  • प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ का व्यवस्थित विकास।
  • खेल विज्ञान और आधुनिक तकनीक का उपयोग।
  • राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं का विस्तार।
  • आधुनिक खेल अवसंरचना का निर्माण।
  • खेल उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन।

RCB की मालिक कंपनी के अधिग्रहण को CCI की मंजूरी

Khelo India Mission के साथ ही खेल कारोबार में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Competition Commission of India (CCI) ने Royal Challengers Sports Private Limited (RCSPL) के 100 प्रतिशत अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।

CCI के अनुसार यह अधिग्रहण Big Banyan Holdings, Bolt IPL Holdings, Times Internet समूह से जुड़े निवेशकों और अन्य भागीदारों के एक कंसोर्टियम द्वारा किया जाएगा। RCSPL भारतीय क्रिकेट की लोकप्रिय फ्रेंचाइजी Royal Challengers Bengaluru (RCB) तथा उसकी महिला टीम का संचालन करती है।

खेल कारोबार पर क्या पड़ेगा असर?

Khelo India Mission:

विशेषज्ञों के अनुसार इस अधिग्रहण से भारत के खेल उद्योग में निजी निवेश को नई गति मिल सकती है।

संभावित प्रभाव—

  • खेल फ्रेंचाइजी में निवेश बढ़ेगा।
  • खेल व्यवसाय का विस्तार होगा।
  • डिजिटल स्पोर्ट्स और फैन एंगेजमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
  • लीग आधारित खेलों में व्यावसायिक अवसर बढ़ेंगे।
  • भारतीय खेल उद्योग में वैश्विक निवेशकों की रुचि और बढ़ सकती है।

भारत के खेल क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

Khelo India Mission और RCB से जुड़ा यह कॉर्पोरेट घटनाक्रम मिलकर यह संकेत देते हैं कि भारत अब खेल को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करना चाहता है।

एक ओर सरकार खिलाड़ियों, प्रशिक्षण और खेल उपकरण उद्योग में निवेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर निजी निवेशकों की बढ़ती भागीदारी खेल उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। इससे आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक खेल प्रतिस्पर्धा और खेल अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होने की उम्मीद है।

Khelo India Mission के माध्यम से केंद्र सरकार ने खेल क्षेत्र को दीर्घकालिक विकास का नया रोडमैप दिया है। खेल सामग्री निर्माण के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान भारत को वैश्विक स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं CCI द्वारा Royal Challengers Sports Pvt. Ltd. के अधिग्रहण को मंजूरी मिलना यह दर्शाता है कि भारतीय खेल उद्योग में निजी निवेश और कॉर्पोरेट भागीदारी लगातार बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में इन दोनों पहलों का सकारात्मक प्रभाव खिलाड़ियों, उद्योग और देश की खेल अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।

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