महाराष्ट्र में अंतरराज्यीय एग स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड़, नाशिक के डेंटिस्ट गिरफ्तार

पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड आईवीएफ सेंटर से चल रहा था गोरखधंधा, जाली दस्तावेज बनाकर करते थे कमाई

ठाणे/नाशिक: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय महिला एग (अंडाणु) तस्करी रैकेट में शामिल एक डेंटिस्ट को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नाशिक के रहने वाले डॉक्टर के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड आईवीएफ सेंटर (Malti IVF Centre) के जरिए यह गोरखधंधा चला रहा था ।

कैसे हुआ खुलासा?

यह पूरा मामला फरवरी में ठाणे जिले के बदलापुर इलाके में पकड़े गए एग डोनेशन रैकेट से जुड़ा है। बदलापुर में पुलिस ने सुलक्षणा गडेकर (44), आश्विनी चाबुकस्वर (29) और मंजूषा वानखेड़े (46) को गिरफ्तार किया था । इन आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों की जांच में नाशिक के मालती आईवीएफ सेंटर का नाम सामने आया। इसके बाद नाशिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (NMC) ने 4 मार्च को उस सेंटर पर छापा मारकर उसे सील कर दिया और उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया ।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, यह रैकेट गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को निशाना बना रहा था। आरोपी इन महिलाओं को 25,000 से 30,000 रुपये प्रति साइकिल का लालच देकर एग डोनेशन के लिए राजी करते थे । इन महिलाओं को पहले सुलक्षणा गडेकर के घर पर हार्मोन इंजेक्शन लगाए जाते थे, जिससे उनके अंडाणुओं का उत्पादन बढ़ जाता था। इसके बाद उन्हें आईवीएफ सेंटर ले जाया जाता था, जहां सर्जरी करके उनके अंडाणु निकाल लिए जाते थे और लाखों रुपयों में बेच दिए जाते थे ।

पुलिस जांच में पता चला है कि यह रैकेट सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क बेंगलुरु, तेलंगाना, नागपुर, पुणे और नाशिक तक फैला हुआ था । अब तक 40 से ज्यादा महिलाओं के इस रैकेट का शिकार होने का अनुमान है ।

कानून की धज्जियां उड़ाईं

इस रैकेट में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपियों ने असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) एक्ट, 2021 की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस के मुताबिक, एक ही महिला से 33 बार अंडाणु निकाले गए, जबकि कानून के मुताबिक एक महिला जीवन में सिर्फ एक बार ही एग डोनेट कर सकती है ।

आरोपियों ने इस गोरखधंधे को अंजाम देने के लिए जाली दस्तावेजों और फर्जी आधार कार्ड का सहारा लिया। पुलिस ने बरामद दस्तावेजों में फर्जी नामों से बने हलफनामे और सोनोग्राफी रिपोर्ट जब्त की हैं ।

गिरफ्तारी और आगे की जांच

नाशिक के डेंटिस्ट की गिरफ्तारी के बाद उसे कल्याण सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया । पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने बताया कि अब तक गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों में से किसी के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है, फिर भी वे महिलाओं को हार्मोन इंजेक्शन लगाकर एनेस्थीसिया के तहत सर्जरी कर रहे थे ।

सरकार सख्त मोड में

इस पूरे मामले ने महाराष्ट्र सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने बदलापुर में समीक्षा बैठक कर सभी सोनोग्राफी सेंटर और आईवीएफ क्लीनिकों के लाइसेंस की जांच के निर्देश दिए हैं । गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में इस रैकेट को ‘बेहद गंभीर’ बताते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है । अब सभी आईवीएफ सेंटर को सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा और आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जाएगा ।