Congress ने सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल
भारत की अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर यह है कि West Asia Crisis को लेकर देश के अंदर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी पार्टी Congress ने सरकार के इस संकट को संभालने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री Salman Khurshid ने विदेश मंत्री S. Jaishankar के संसद में दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की है।
Salman Khurshid ने कहा कि S. Jaishankar का बयान “vapid” यानी बेहद कमजोर और अस्पष्ट था। उनका कहना है कि इतने गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट के समय सरकार को ज्यादा स्पष्ट और मजबूत रुख दिखाना चाहिए था।
West Asia में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता
Congress का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि West Asia क्षेत्र में करीब 9 million Indians रहते और काम करते हैं। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विपक्ष का कहना है कि सरकार को इन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संभावित निकासी की योजना के बारे में संसद और जनता को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो वहां रह रहे भारतीयों की जान और रोज़गार दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।
आर्थिक हितों पर भी पड़ सकता है असर
Congress ने यह भी कहा है कि West Asia Crisis का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में crude oil imports करता है। यदि क्षेत्र में युद्ध या तनाव बढ़ता है तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
इसके अलावा भारत इस क्षेत्र में कई वस्तुओं का निर्यात भी करता है। खासकर basmati rice exports भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार है। यदि स्थिति खराब होती है तो व्यापार प्रभावित हो सकता है।
IRIS Dena जहाज और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर सवाल
Congress ने सरकार से यह भी पूछा है कि IRIS Dena नाम के जहाज के डूबने की घटना पर भारत की ओर से कोई औपचारिक विरोध क्यों नहीं किया गया।
इसके अलावा पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एक विदेशी head of state की हत्या जैसी गंभीर घटना की भी भारत सरकार ने स्पष्ट शब्दों में निंदा नहीं की। विपक्ष का कहना है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज मजबूत तरीके से उठानी चाहिए।
Prime Minister Modi की विदेश नीति पर आरोप
Congress ने Prime Minister Modi की विदेश नीति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि वर्तमान सरकार की नीति भारत को धीरे-धीरे “vassalage” यानी दूसरे देशों पर निर्भर स्थिति की ओर ले जा रही है।
विपक्षी नेताओं के अनुसार, भारत की विदेश नीति कई दशकों से सभी दलों के सहयोग से संतुलित और स्वतंत्र रही है। उनका कहना है कि इस परंपरा को बनाए रखना जरूरी है ताकि भारत की वैश्विक छवि और रणनीतिक हित सुरक्षित रह सकें।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि West Asia Crisis और उससे जुड़े भारत के हितों पर आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक गलियारों में और बहस हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट के बीच भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा, आर्थिक हितों और संतुलित विदेश नीति पर खास ध्यान देना होगा।







