वैश्विक तनाव के बावजूद India बेहतर स्थिति में
Middle East में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता देखी जा रही है। कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि India ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है।
विशेषज्ञों के अनुसार India की अर्थव्यवस्था पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुई है। मजबूत घरेलू मांग, स्थिर बैंकिंग प्रणाली और बढ़ते निवेश के कारण देश आर्थिक झटकों को संभालने की क्षमता रखता है।
Russia-Ukraine युद्ध के समय भी India ने दिखाई थी समझदारी
Carnelian Capital की Founder Swati Khemani ने एक इंटरव्यू में कहा कि Russia-Ukraine संघर्ष के दौरान India ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को काफी समझदारी से संभाला था।
उन्होंने बताया कि उस समय वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ी अस्थिरता थी, लेकिन India ने व्यावहारिक नीति अपनाकर अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखा। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर नहीं पड़ा।
Swati Khemani का मानना है कि अगर Middle East की स्थिति से ऊर्जा बाजार में दबाव बढ़ता है, तो भी India उसी तरह संतुलित रणनीति अपनाकर स्थिति को संभाल सकता है।
बैंकिंग सेक्टर में मजबूत संभावनाएं
Swati Khemani ने कहा कि India का Banking Sector आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। पिछले कुछ वर्षों में बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत हुई है और कर्ज की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है।
उन्होंने बताया कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से बैंकिंग क्षेत्र में कर्ज की मांग बढ़ रही है। इससे बैंकों की आय और मुनाफे में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बैंकिंग प्रणाली किसी भी देश की आर्थिक स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।
Manufacturing सेक्टर में बढ़ रहा निवेश
Swati Khemani ने Manufacturing Sector को भी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि India में उत्पादन बढ़ाने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए गए हैं।
सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और बढ़ते निवेश के कारण Manufacturing क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं। इससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और देश की आर्थिक वृद्धि को भी गति मिल सकती है।
Consumption से अर्थव्यवस्था को मिल रहा सहारा
उन्होंने यह भी कहा कि Consumption India की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा आधार है। देश की बड़ी आबादी और बढ़ती आय के कारण बाजार में मांग लगातार बनी हुई है।
घरेलू खपत में वृद्धि से कई उद्योगों को फायदा होता है, जैसे खुदरा व्यापार, उपभोक्ता वस्तुएं और सेवा क्षेत्र। यही कारण है कि विशेषज्ञ India की आर्थिक स्थिति को मजबूत मानते हैं।
मजबूत संरचना पर आधारित है India की अर्थव्यवस्था
Swati Khemani के अनुसार India की अर्थव्यवस्था संरचनात्मक रूप से मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि देश में निवेश, उत्पादन और खपत तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद India अपनी आर्थिक गति को बनाए रख सकता है। उनके अनुसार अगर नीतिगत स्थिरता और निवेश का माहौल बना रहा, तो आने वाले वर्षों में India की अर्थव्यवस्था और मजबूत हो सकती है।







