नई दिल्ली, Delhi EV Policy 2026 को दिल्ली सरकार ने आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। नई नीति के तहत पात्र इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदारों को खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आवेदन पूरा होने के 60 दिनों के भीतर सब्सिडी का भुगतान कर दिया जाए। नई Delhi EV Policy 2026 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी।
Delhi EV Policy 2026 में क्या है नया?
नई नीति का उद्देश्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना, वायु प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। सरकार ने सब्सिडी वितरण की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है ताकि खरीदारों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लाभ मिल सके।
सब्सिडी पाने के लिए खरीदारों को वाहन का पंजीकरण (RC) बनने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में मिलेगी राशि
नई Delhi EV Policy 2026 की सबसे बड़ी विशेषता Direct Benefit Transfer (DBT) प्रणाली है। पहले कई मामलों में सब्सिडी मिलने में लंबा समय लगता था, लेकिन अब सरकार ने 60 दिनों के भीतर भुगतान का लक्ष्य तय किया है।
इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। सरकार का कहना है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली से खरीदारों का भरोसा भी बढ़ेगा।
किन वाहनों पर मिलेगा लाभ?
Delhi EV Policy 2026 के तहत अलग-अलग श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन दिए गए हैं। इनमें शामिल हैं—
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन
- इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (ऑटो रिक्शा सहित)
- इलेक्ट्रिक कारें (निर्धारित पात्रता के अनुसार)
- इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन (N1 श्रेणी)
- पुराने वाहनों को हटाने पर स्क्रैपेज प्रोत्साहन
कुछ श्रेणियों में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी गई है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी होगा विस्तार
नई Delhi EV Policy 2026 के तहत राजधानी में बड़े पैमाने पर चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य हजारों नए सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित करना है। इसके लिए सिंगल-विंडो मंजूरी प्रणाली, EV डीलरशिप पर चार्जिंग स्टेशन और हाउसिंग सोसायटी की भागीदारी जैसे कदम शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पहले से लगभग 9,000 चार्जिंग पॉइंट हैं और आने वाले वर्षों में इनकी संख्या लगभग 32,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदूषण कम करने पर रहेगा विशेष जोर
सरकार का मानना है कि Delhi EV Policy 2026 से राजधानी में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी। नीति में भविष्य के लिए चरणबद्ध बदलावों का भी प्रावधान किया गया है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता मिल सके और वायु गुणवत्ता में सुधार हो।
आवेदन कैसे करें?
पात्र खरीदारों को वाहन का पंजीकरण पूरा होने के बाद सरकार के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी जमा करनी होगी। सत्यापन पूरा होने के बाद सब्सिडी DBT के माध्यम से सीधे खाते में भेजी जाएगी। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि Delhi EV Policy 2026 से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की लागत कम होगी। समय पर मिलने वाली सब्सिडी, टैक्स में छूट और चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इससे प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
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