नई दिल्ली। Chinese Battery Apps Ban के तहत केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion समेत कई चीनी बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स को Google Play Store और Apple App Store से हटाने का निर्देश दिया है। यह फैसला उन वायरल वीडियो के बाद लिया गया, जिनमें कुछ लोग इन ऐप्स का कथित रूप से दुरुपयोग कर चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को ब्लूटूथ के जरिए बंद करते दिखाई दिए। सरकार का कहना है कि ऐसे ऐप सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
Chinese Battery Apps Ban की कार्रवाई तब तेज हुई जब सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए। इनमें कुछ लोग सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा के पास जाकर मोबाइल ऐप से उसकी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System – BMS) से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट होते और वाहन की पावर बंद कर देते थे। इससे ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क में रुक जाता था और चालक असमंजस में पड़ जाता था।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह केवल शरारत का मामला नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और साइबर सुरक्षा दोनों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
सरकार ने क्या कार्रवाई की?
Chinese Battery Apps Ban के तहत MeitY ने ऐप स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों को संबंधित ऐप हटाने के निर्देश दिए। सरकार ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इसी तरह के अन्य ऐप सामने आते हैं, जिनका उपयोग बैटरी चालित वाहनों को अनधिकृत रूप से नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने भी पुष्टि की कि ऐसे ऐप्स को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से हटाया जा रहा है और भविष्य में ऐप स्टोर की जांच प्रक्रिया को और सख्त बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
ये ऐप कैसे काम करते थे?
Chinese Battery Apps Ban:
जांच में सामने आया कि BAT-BMS और इसी तरह के ऐप मूल रूप से ब्लूटूथ आधारित लिथियम-आयन बैटरियों की निगरानी के लिए बनाए गए थे। इनके जरिए बैटरी का वोल्टेज, तापमान, चार्जिंग स्थिति और अन्य तकनीकी जानकारी देखी जा सकती थी।
लेकिन कई कम लागत वाले बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में पर्याप्त पासवर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ लोग ब्लूटूथ की सीमित दूरी (करीब 10–15 मीटर) के भीतर वाहन से जुड़कर उसकी डिस्चार्ज सेटिंग बंद कर देते थे, जिससे ई-रिक्शा अचानक रुक जाता था।
ई-रिक्शा चालकों पर क्या असर पड़ा?
Chinese Battery Apps Ban से पहले कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की थी कि उनके वाहन बिना किसी तकनीकी खराबी के अचानक बंद हो जाते थे। इससे—
- दिनभर की कमाई प्रभावित होती थी।
- यात्रियों को बीच रास्ते उतरना पड़ता था।
- सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता था।
- वाहन मालिकों को अनावश्यक मरम्मत का खर्च उठाना पड़ता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल तकनीकी खामी नहीं बल्कि साइबर सुरक्षा से जुड़ा मामला है, जिसे गंभीरता से लेना जरूरी था।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
Chinese Battery Apps Ban:
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में मजबूत प्रमाणीकरण (Authentication), पासवर्ड सुरक्षा और एन्क्रिप्शन होना चाहिए। यदि किसी भी ब्लूटूथ डिवाइस को बिना अनुमति बैटरी से जुड़ने दिया जाएगा, तो भविष्य में ऐसे जोखिम फिर सामने आ सकते हैं। उन्होंने निर्माताओं से सुरक्षित सॉफ्टवेयर अपडेट और बेहतर सुरक्षा मानकों को अपनाने की अपील की है।
आगे क्या होगा?
सरकार अब ऐसे अन्य बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स और सिस्टम की भी जांच कर रही है। यदि कोई और ऐप सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए कड़े साइबर सुरक्षा मानक बनाए जाने की संभावना है।
Chinese Battery Apps Ban भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल कुछ ऐप हटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि तकनीक का दुरुपयोग कर किसी वाहन को दूर से नियंत्रित न किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से ई-रिक्शा चालकों, यात्रियों और पूरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
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