राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सोने की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला के कब्जे से 42 विदेशी मूल की सोने की ईंटें (Gold Bars) बरामद की गईं, जिनका कुल वजन 4.98 किलोग्राम और अनुमानित बाजार मूल्य करीब ₹7.11 करोड़ बताया गया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह सोना बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से तस्करी करके लाया गया था। DRI का कहना है कि गिरफ्तार महिला किसी बड़े तस्करी गिरोह के लिए नियमित रूप से “कैरियर” का काम करती थी।
क्या है पूरा मामला?
DRI अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एक महिला पश्चिम बंगाल से दिल्ली जाने वाली ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस में बड़ी मात्रा में तस्करी का सोना लेकर यात्रा कर रही है।
सूचना के आधार पर ट्रेन की निगरानी की गई। तलाशी के दौरान महिला के सामान से 42 विदेशी मूल की गोल्ड बार बरामद हुईं।
अधिकारियों ने मौके पर ही सोना जब्त कर महिला को हिरासत में ले लिया।
बरामद सोने की कीमत कितनी?
जांच एजेंसियों के अनुसार—
- कुल गोल्ड बार: 42
- कुल वजन: 4.98 किलोग्राम
- अनुमानित कीमत: ₹7.11 करोड़
- सभी गोल्ड बार विदेशी मूल के बताए गए हैं।
बांग्लादेश से हो रही थी तस्करी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह सोना बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत लाया गया था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि—
- सीमा पार से सोना किस रास्ते भारत पहुंचा।
- इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है।
- पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।
दिल्ली और वाराणसी तक फैला नेटवर्क
DRI की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि महिला अकेले काम नहीं कर रही थी।
बताया जा रहा है कि—
- वह लंबे समय से सिंडिकेट के लिए सोना पहुंचा रही थी।
- उसके ग्राहक दिल्ली और वाराणसी में मौजूद थे।
- हर सफल डिलीवरी के बदले उसे कमीशन मिलता था।
अब एजेंसियां इन दोनों शहरों में जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
क्यों होती है सोने की तस्करी?
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सोने की भारी मांग और आयात शुल्क के कारण कई अंतरराष्ट्रीय गिरोह अवैध रूप से सोना भारत लाने की कोशिश करते हैं।
तस्कर अक्सर—
- ट्रेन
- बस
- निजी वाहन
- हवाई यात्रा
- मानव कैरियर
का इस्तेमाल करते हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच सकें।
DRI की जांच जारी
अधिकारियों ने महिला के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अब जांच का फोकस इन बिंदुओं पर है—
- तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है।
- पश्चिम बंगाल सीमा पर किन रास्तों का इस्तेमाल हुआ।
- दिल्ली और वाराणसी में सोना किसे पहुंचाया जाना था।
- क्या इस गिरोह के अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं।
यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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