Geopolitical तनाव कम होने पर Indian market में तेजी की उम्मीद

Nimesh Chandan ने बाजार को लेकर जताई सकारात्मक राय

Bajaj Finserv AMC के Chief Investment Officer Nimesh Chandan का मानना है कि आने वाले समय में Indian market में फिर से तेजी देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे ही वैश्विक स्तर पर चल रहे geopolitical tensions कम होंगे और oil prices स्थिर होंगे, बाजार में सुधार शुरू हो सकता है।

एक इंटरव्यू में Moneycontrol से बात करते हुए Nimesh Chandan ने कहा कि अभी बाजार पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर दिखाई दे रहा है, लेकिन यह असर लंबे समय तक रहने की संभावना कम है।

ऊंचे oil prices से बाजार पर अस्थायी दबाव

Nimesh Chandan के अनुसार oil prices में तेजी का असर कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है, जिसमें India भी शामिल है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमत बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अगर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी थोड़े समय के लिए है, तो इसका प्रभाव भी सीमित ही रहेगा। जैसे ही कीमतें सामान्य स्तर पर लौटेंगी, बाजार भी धीरे-धीरे संभल जाएगा।

Geopolitical तनाव का भी बाजार पर असर

दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे geopolitical conflicts भी वित्तीय बाजारों को प्रभावित करते हैं। जब देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ जाती है और वे निवेश करने में सावधानी बरतते हैं।

Nimesh Chandan ने कहा कि जैसे ही इन तनावों में कमी आएगी, निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत होगा और बाजार में निवेश बढ़ सकता है। इससे Indian market को भी फायदा मिलने की संभावना है।

घरेलू क्षेत्रों में निवेश के अवसर

Nimesh Chandan का कहना है कि ऐसे समय में निवेशकों को उन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए जो मुख्य रूप से domestic economy पर निर्भर हैं। इन क्षेत्रों पर वैश्विक घटनाओं का प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है।

उन्होंने खासतौर पर banking, financial services, consumption और healthcare जैसे क्षेत्रों को मजबूत बताया। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में लंबे समय में अच्छी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

Banking और financial services में संभावनाएं

Banking और financial services क्षेत्र को लेकर Nimesh Chandan काफी आशावादी हैं। उनका मानना है कि India की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके साथ बैंकिंग सेवाओं की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

डिजिटल बैंकिंग, लोन की बढ़ती मांग और वित्तीय सेवाओं का विस्तार इस क्षेत्र को मजबूत बना रहा है। इसलिए निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षक बना रह सकता है।

Consumption sector में लगातार वृद्धि

Consumption sector भी भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। India में बढ़ती आबादी, बढ़ती आय और शहरीकरण के कारण उपभोक्ता खर्च लगातार बढ़ रहा है।

Nimesh Chandan का कहना है कि घरेलू मांग मजबूत रहने से इस क्षेत्र की कंपनियों को स्थिर वृद्धि मिल सकती है। इसलिए यह क्षेत्र भी निवेश के लिहाज से अच्छा माना जा सकता है।

Healthcare sector की बढ़ती अहमियत

पिछले कुछ वर्षों में healthcare sector की अहमियत काफी बढ़ी है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नए निवेश से यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।

Nimesh Chandan का मानना है कि healthcare companies लंबी अवधि में स्थिर और मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। इसलिए निवेशकों के लिए यह क्षेत्र भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

लंबी अवधि में मजबूत रह सकता है Indian market

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही वर्तमान समय में वैश्विक घटनाओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा हो, लेकिन Indian economy की बुनियाद मजबूत है।

Nimesh Chandan ने भी कहा कि भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत है और कई क्षेत्रों में विकास की अच्छी संभावनाएं हैं। इसलिए लंबी अवधि में Indian market में सकारात्मक रुझान बना रह सकता है।

निवेशकों के लिए धैर्य जरूरी

उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराने की बजाय धैर्य रखना चाहिए। अल्पकालिक घटनाओं का असर कुछ समय तक रहता है, लेकिन लंबी अवधि में मजबूत अर्थव्यवस्था वाले बाजार आगे बढ़ते हैं।

अगर geopolitical tensions कम होते हैं और oil prices स्थिर हो जाते हैं, तो आने वाले समय में Indian market में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ भारत को लंबे समय के निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार मानते हैं।