Assembly में Drinking Water मुद्दे पर गरमाई राजनीति
Odisha की Assembly में हाल ही में drinking water supply के मुद्दे पर सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी BJD के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
बहस के दौरान दोनों दलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए और राज्य में पेयजल व्यवस्था को लेकर अलग-अलग दावे किए।
सदन में यह मुद्दा तब गरमाया जब कई क्षेत्रों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता और जलजनित बीमारियों को लेकर सवाल उठाए गए।
Rabi Narayan Naik ने पिछली सरकार पर लगाया आरोप
Rabi Narayan Naik ने Assembly में बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय पेयजल परियोजनाओं की प्रगति काफी धीमी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि BJD government के दौरान कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं, जिससे कई गांवों और कस्बों में लोगों को साफ पानी नहीं मिल पाया।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए तेजी से काम कर रही है।
BJD ने उठाया Jajpur में दूषित पानी का मुद्दा
दूसरी ओर विपक्षी BJD ने राज्य के कुछ क्षेत्रों में contaminated water की समस्या को गंभीर बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।
विशेष रूप से Jajpur जिले का मुद्दा उठाया गया, जहां कथित तौर पर दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार होने की खबरें सामने आई हैं।
विपक्ष का कहना है कि लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।
जलजनित बीमारियों को लेकर चिंता
Assembly में चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने water-borne diseases को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पीने का पानी साफ नहीं हो तो लोगों को कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए सुरक्षित और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।
हर घर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
सरकार ने Assembly में यह भी बताया कि राज्य में drinking water supply को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि March 2027 तक राज्य के every household को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
इसके लिए पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार, नए जल स्रोतों का विकास और जल शुद्धिकरण व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
Odisha के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी पेयजल की समस्या देखी जाती है।
सरकार का कहना है कि नई परियोजनाओं के माध्यम से गांवों में पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
विपक्ष ने मांगी ठोस कार्रवाई
BJD के नेताओं ने Assembly में कहा कि केवल लक्ष्य तय करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीन पर परिणाम भी दिखने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जिन क्षेत्रों में दूषित पानी की समस्या है वहां तुरंत जांच और सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाए।
विपक्ष का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण इस विषय को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
विकास और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा
पेयजल केवल एक बुनियादी सुविधा ही नहीं बल्कि विकास और स्वास्थ्य से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
यदि लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध होता है तो बीमारियों की संभावना कम होती है और जीवन स्तर बेहतर होता है।
इसी कारण सरकारें इस क्षेत्र में लगातार निवेश और योजनाएं लागू करती हैं।
भविष्य की योजना
सरकार ने Assembly में आश्वासन दिया कि राज्य में drinking water infrastructure को मजबूत किया जाएगा।
इसके लिए नए जल स्रोत, पाइपलाइन परियोजनाएं और जल शुद्धिकरण प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में स्थिति में स्पष्ट सुधार देखने को मिल सकता है।
Odisha की Assembly में पेयजल आपूर्ति का मुद्दा एक बड़ा राजनीतिक विषय बन गया है।
Rabi Narayan Naik ने पिछली BJD government पर धीमी प्रगति का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने Jajpur में दूषित पानी और उससे जुड़ी बीमारियों पर चिंता जताई।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि March 2027 तक राज्य के हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जाएगा।







