Bihar Road User Fee 2026: बिहार में फिर लगेगा टोल टैक्स, राज्य सरकार ने नई रोड यूजर फीस नीति को दी मंजूरी

Bihar Road User Fee 2026

Bihar Road User Fee 2026 को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में Road User Fee (Determination and Collection of Rates) Rules, 2026 को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत राज्य के प्रमुख स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और सड़क परिसंपत्तियों पर फिर से यूजर फीस (टोल टैक्स) वसूली जाएगी। सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग सड़कों के रखरखाव, मरम्मत और उन्नयन के लिए किया जाएगा। वहीं विपक्षी कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है।

Bihar Road User Fee 2026 के तहत क्या बदलेगा?

नई नीति के लागू होने के बाद राज्य सरकार चयनित राज्य राजमार्गों, पुलों और अन्य सड़क परियोजनाओं पर यूजर फीस वसूलेगी। सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बिहार में बड़ी संख्या में नई सड़कें, फ्लाईओवर, बाईपास और पुल बनाए गए हैं। इनके नियमित रखरखाव के लिए स्थायी वित्तीय व्यवस्था आवश्यक है, इसलिए नई नीति लागू की गई है।

FASTag से होगी टोल वसूली

Bihar Road User Fee 2026:

नई व्यवस्था में FASTag और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए टोल वसूली को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन वाहनों पर FASTag नहीं होगा, उनसे अधिक शुल्क लिया जा सकता है। इसके अलावा ओवरलोड वाहनों के लिए अलग प्रावधान भी किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य टोल संग्रह प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाना है।

2018 के फैसले से अलग है नई नीति

नई नीति को 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस फैसले से अलग माना जा रहा है, जब कई राज्य सड़क परियोजनाओं पर टोल वसूली समाप्त कर दी गई थी। अब नई सरकार का कहना है कि सड़कों के बेहतर रखरखाव और भविष्य की परियोजनाओं के लिए यूजर फीस आवश्यक है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शुल्क केवल निर्धारित नियमों के अनुसार ही लिया जाएगा।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

Bihar Road User Fee 2026:

कांग्रेस ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि महंगाई के दौर में आम लोगों पर अतिरिक्त टोल का बोझ डालना उचित नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार को राजस्व जुटाने के अन्य विकल्प तलाशने चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।

किन वाहनों पर कितना शुल्क लगेगा?

Bihar Road User Fee 2026:

कैबिनेट से मंजूर नियमों के अनुसार विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग आधार दरें तय की गई हैं। उदाहरण के तौर पर—

  • कार, जीप और हल्के मोटर वाहन: लगभग ₹1.25 प्रति किमी
  • हल्के वाणिज्यिक वाहन: लगभग ₹2 प्रति किमी
  • दो-धुरी (Two-Axle) बस और ट्रक: लगभग ₹4 प्रति किमी
  • तीन-धुरी वाणिज्यिक वाहन: लगभग ₹4.60 प्रति किमी
  • भारी निर्माण मशीनें और बड़े बहु-धुरी वाहन: निर्धारित उच्च दरों के अनुसार शुल्क।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

Bihar Road User Fee 2026:

नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिन मार्गों पर यूजर फीस लागू होगी, वहां यात्रा करने वाले वाहन चालकों को निर्धारित शुल्क देना होगा। सरकार का दावा है कि इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और समय पर मरम्मत के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध रहेगा। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि इससे परिवहन लागत और यात्रा खर्च बढ़ सकता है।

Bihar Road User Fee 2026 बिहार की सड़क नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार इसे सड़कों के विकास और रखरखाव के लिए जरूरी कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में देख रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई टोल व्यवस्था कब से लागू होती है और इसका आम यात्रियों व परिवहन क्षेत्र पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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