बेंगलुरु की AGNIT Semiconductors ने Indian Institute of Science (IISc), Bengaluru में ₹3 करोड़ की GaN परीक्षण लैब (GaN Testing Lab) की शुरुआत की है। इस नई लैब का मुख्य उद्देश्य देशी Gallium Nitride (GaN) चिप्स की गुणवत्ता और विश्वसनीयता की त्वरित जाँच करना है, खासकर उन उपकरणों के लिए जो 5G, रक्षा और टेलीकॉम उद्योग में उपयोग किए जाते हैं। कंपनी ने बताया कि इस 350 वर्गफीट सुविधा को इंडिजेनियस सेमीकंडक्टर तकनीक को तेज़ी से वाणिज्यिक स्तर पर लाने के लिए तैयार किया गया है।
GaN तकनीक: क्या है खासियत?
AGNIT Semiconductors:
गैलियम नाइट्राइड (GaN) एक अत्यधिक सक्षम सेमीकंडक्टर सामग्री है, जो पारंपरिक सिलिकॉन की तुलना में अधिक शक्ति, तापमान और आवृत्ति सहन कर सकती है। इसका मतलब है कि GaN चिप्स रक्षा रडार प्रणालियों, उपग्रह संचार और टेलीकॉम (विशेषकर 5G नेटवर्क) में उपयोग के लिए अधिक कुशल और कॉम्पैक्ट होते हैं। उदाहरण के लिए, GaN आधारित रेडियो-फ्रीक्वेंसी एंप्लिफायर कम ऊर्जा में अधिक संकेत शक्ति दे सकते हैं, जिससे सेलुलर टावर और रडार सिस्टम अधिक प्रभावी बनते हैं। AGNIT के अनुसार, देश की उभरती सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं के लिए न केवल डिज़ाइन और निर्माण बल्कि मजबूत घरेलू परीक्षण और विश्वसनीयता इकोसिस्टम की भी जरूरत है। इस नए GaN लैब से इसी जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी।
नई लैब की प्रमुख विशेषताएं
AGNIT Semiconductors:
AGNIT की इस परीक्षण लैब को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। इसमें निम्न प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं:
- पर्यावरण नियंत्रण कक्ष: -60°C से 125°C के तापमान रेंज में कार्य कर सकेगा, जिससे अलग-अलग तापमान पर चिप्स की विश्वसनीयता जाँची जा सके।
- RF टेस्ट और मापन स्टेशन: रेडियो फ्रिक्वेंसी सिग्नल की जाँच के लिए विशेष तौर पर डिज़ाइन किया गया।
- कनेक्टोराइज्ड लोड पुल टेस्ट स्टेशन: चिप्स के प्रदर्शन का लोड डाल कर परीक्षण संभव बनाता है।
- स्वचालित PCB असेंबली सिस्टम: सर्किट बोर्डों पर चिप्स को असेंबल कर विश्वसनीयता के आंकड़े इकट्ठा करता है।
इन सुविधाओं से लैब में इन-हाउस (आंतरिक) रूप से परीक्षण, विश्वसनीयता डेटा निर्माण और पावर एंप्लिफायर बोर्ड्स का चरित्रांकन किया जा सकेगा। इससे पहले AGNIT को ये परीक्षण बाहरी संसाधनों पर भरोसा करके करने पड़ते थे, लेकिन अब कंपनी खुद की नियंत्रण क्षमता बढ़ा सकेगी।
देशी सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा
AGNIT Semiconductors:
यह पहल भारतीय सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए विशेष महत्व रखती है। चंद्रशेखर ने बताया, “भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं के लिए ना सिर्फ डिज़ाइन और निर्माण बल्कि एक मजबूत घरेलू परीक्षण एवं विश्वसनीयता इकोसिस्टम की भी आवश्यकता है”। इस नए परीक्षण लैब की वजह से AGNIT का विकास चक्र बहुत तेज़ होगा। पहले, बाहरी लैब में परीक्षण करवाने के लिए तीन-चार महीने लग जाते थे, लेकिन अब कुछ ही हफ्तों में काम पूरा हो जाएगा। इससे उत्पाद विकास की गति बढ़ेगी और कंपनी एक साथ अधिक डिज़ाइन पर काम कर सकेगी।
फायदे:
- घरेलू परीक्षण से विदेशों पर निर्भरता कम होगी और गति बढ़ेगी।
- ग्राहकों को भरोसा मिलेगा कि चिप्स को उनके विशेष उपयोग वातावरण में परखा गया है।
- रक्षा और टेलीकॉम कंपनियां वास्तविक वातावरण में उच्च तापमान और वोल्टेज पर चिप्स का जीवन परीक्षण कर सकेंगी।
इस लैब के पूरा होने के बाद AGNIT अगले 24 महीनों में 100,000 GaN चिप्स का उत्पादन करने का लक्ष्य रखती है। कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य है कि भारत में डिजाइन से लेकर पैकेजिंग और सिस्टम तक पूरा GaN इकोसिस्टम विकसित हो।
विशेषज्ञों की राय
AGNIT Semiconductors:
AGNIT के सह-संस्थापक और CEO हरीश चंद्रशेखर ने कहा, “इन-हाउस परीक्षण सुविधा होने से हम विकास से परिनियोजन तक की प्रक्रिया को तेज़ कर सकते हैं और उत्पाद प्रदर्शन को मजबूत बना सकते हैं”। उन्होंने बताया कि अब कंपनी अपने ग्राहकों के सटीक विशिष्टताओं के अनुरूप चिप्स का परीक्षण और प्रमाणन खुद ही कर सकती है। इससे ग्राहकों को यह भरोसा होगा कि वे इन घटकों को अपने सिस्टम में आसानी से सम्मिलित कर सकेंगे।
निवेश और भविष्य की योजनाएं
AGNIT Semiconductors ने अब तक कुल ₹60 करोड़ से अधिक का निवेश जुटाया है, जिसमें Lakshmi Narayanan जैसे उद्योग विशेषज्ञों का भी योगदान है। उनका लक्ष्य अब 24 महीनों में 100,000 GaN चिप्स का उत्पादन करना है। इस प्रयास से भारत के 5G बुनियादी ढांचे, रक्षा प्रणालियों और उपग्रह संचार उद्योग को किफायती और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर आपूर्ति मिलेगी।
AGNIT Semiconductors:
बेंगलुरु के AGNIT Semiconductors द्वारा बनाए गए इस GaN परीक्षण लैब से भारतीय सेमीकंडक्टर उद्योग को नई शक्ति मिलेगी। अब देश में बनाए गए GaN चिप्स की जाँच और प्रमाणीकरण भारतीय प्रयोगशालाओं में ही होगा, जिससे विकास और उत्पादन की रफ्तार तेज़ होगी। आने वाले समय में 5G, रक्षा और दूरसंचार के क्षेत्र में AGNIT के GaN प्रोडक्ट्स की भूमिका बढ़ने की उम्मीद है। यह पहल भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर मैप पर मजबूती से स्थापित करने के अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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