VB-G RAM G योजना: ग्रामीण मजदूरों को रोजगार गारंटी, MGNREGA से होगा seamless ट्रांजिशन
केंद्र सरकार ने VB-G RAM G (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) योजना के लिए 2026-27 के वित्तीय वर्ष में ₹95,692.31 करोड़ की केंद्रीय सहायता का प्रावधान किया है। यह अंतरिम बजटीय आवंटन इसलिए किया गया है ताकि मौजूदा MGNREGA (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से नए VB-G RAM G कार्यक्रम में संक्रमण बिना किसी रोक-टोक के हो सके। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस राशि से राज्य सरकारों को पूरे देश में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार देने में कोई व्यवधान नहीं आएगा; जून 30 के बाद भी एक भी दिन के लिए मज़दूरों को बेरोज़गार नहीं छोड़ेंगे।
VB-G RAM G योजना क्या है?
VB-G RAM G योजना MGNREGA के प्रतिस्थापन के रूप में लायी गई है और इसे 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में लागू किया जाना है। इसका उद्देश्य यही है कि गांवों में रहने वाले हर योग्य परिवार के वयस्क सदस्यों को औसतन 125 दिन का रोजगार कानूनी रूप से मिले। यह गारंटी पहले MGNREGA के 100 दिन के मुकाबले बढ़ाई गई है। योजना गांव के स्तर पर आजीविका सुरक्षा और ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण पर बल देगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी लाभ पहुंच सके।
नये VB-G RAM G योजना अधिनियम में मजदूरों को मिल रहे फायदे यह हैं:
- 125 दिन रोजगार गारंटी: MGNREGA की तुलना में 25 दिन की अतिरिक्त रोजगार गारंटी मिलेगी।
- रोज़गार के अलावा आजीविका: केवल काम देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और अवसंरचना निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
- प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण: मजदूरी भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक या डाक खाते में डिरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिये होगा।
- तेज़ भुगतान: काम पूरा होने के 15 दिन के भीतर मजदूरों को मजदूरी मिलेगी; भुगतान में देरी होने पर जुर्माना के रूप में अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा।
- मौजूदा जॉब कार्ड मान्य: MGNREGA के तहत जारी पुराने जॉब कार्ड संक्रमण के दौरान अस्थायी रूप से वैध रहेंगे।
- 60:40 खर्च साझा मॉडल: केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्र, बाकी राज्यों में केंद्रीय:राज्य खर्च अनुपात 60:40 होगा। (उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्यों में यह 90:10 है।)
केंद्रीय बजट में VB-G RAM G योजना के लिए अब तक का यह सबसे बड़ा आवंटन है। इसमें केंद्र की ₹95,692.31 करोड़ की हिस्सेदारी और राज्यों की अनुमानित हिस्सेदारी मिलाकर कुल ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक का कार्यक्रम खर्च होगा। कृषि मामलों पर केंद्र में मंत्री शिवराज चौहान ने कहा है कि यह राशि MGNREGA से VB-G RAM G में संक्रमण के लिए अंतरिम है, ताकि कोई दिन भी ग्रामीण विकास गतिविधि रुक न जाए।
मुख्य विशेषताएं
VB-G RAM G योजना:
- आरंभ तिथि: 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगा।
- रोजगार गारंटी: हर पात्र ग्रामीण परिवार को वार्षिक 125 दिन का रोजगार मिलेगा।
- पेमेंट व्यवस्था: मजदूरी सीधे DBT से; 15 दिन में भुगतान, विलम्ब पर मुआवजा।
- पूर्व प्रावधान: पुराना MGNREGA अधिनियम अब बंद हो जाएगा, लेकिन उसके अधिकार नए कानून में यथावत रहेंगे।
- बजट आवंटन: केंद्रीय सरकार ने 2026–27 में ₹95,692.31 करोड़ का प्रावधान किया, जो ग्रामीण रोजगार योजनाओं में अब तक का सर्वाधिक है।
₹95,692 करोड़ का ऐलान: राज्यवार वितरण
VB-G RAM G योजना:
केंद्रीय मंत्रि मण्डल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ₹95,692.31 करोड़ की राशि राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों को नीचे बताए अनुसार वितरित की जाएगी। ऐसे प्रमुख आंकड़े हैं:
- उत्तर प्रदेश: ₹9,721.48 करोड़
- पश्चिम बंगाल: ₹8,508 करोड़
- तमिलनाडु: ₹7,585.49 करोड़
- राजस्थान: ₹7,581.87 करोड़
- आंध्र प्रदेश: ₹7,707.21 करोड़
- बिहार: ₹6,715.83 करोड़
- केंद्रीय प्रशासन व सामाजिक ऑडिट: ₹1,850.62 करोड़
इनके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों को मिलकर ₹1,291.52 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इन जोडि़यों के साथ कुल केंद्रीय आवंटन ₹95,692.31 करोड़ हो गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ₹30,000 करोड़ पहले ही MGNREGA के लिए दिए जा चुके थे; नए आवंटन के साथ कुल ग्रामीण रोजगार फंड अब ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।
VB-G RAM G योजना:
राज्यों की तैयारियाँ और शर्तें
VB-G RAM G योजना:
शिवराज चौहान ने यह भी बताया कि योजना लागू करने के लिए 26 राज्यों ने अपने बजट में पूर्व से प्रावधान कर लिये हैं, जबकि चार राज्य (झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम) ने भी प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है। सरकार ने इन राज्यों से कहा है कि वे जल्दी से अपनी राज्य नियमावली अधिसूचित करें, कृषि की पीक सीजन घोषित करें, लाभार्थियों की e-KYC पूरी कराएं और गांव-स्तर पर जागरूकता एवं क्षमता-विकास कार्यक्रम चलाएं।
केंद्र ने साफ़ किया है कि कोई राज्य अपना आवंटन नहीं खोएगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “किसी राज्य का आवंटन कम नहीं किया गया है और पिछले साल की तुलना में बजट 40% बढ़ाया गया है”। इसके पीछे कारण है कि नए कानून के तहत केंद्र और राज्य मिलकर खर्च करेंगे, इसलिए पहले की अपेक्षा अधिक धन चाहिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मंडल बैठक में यह सुनिश्चित किया गया है कि जंक्शन या असमंजस की स्थितियों (जैसे सूखा इत्यादि) के मामले में अतिरिक्त रोजगार की व्यवस्था वैसी ही रहेगी जैसे पहले थी।
त्रिपुरा उच्च न्यायालय में अधिनियम की शुरूआती सूचना मिलने के बाद विपक्षी दलों ने चिंता जतायी थी। हालांकि सरकार ने इन आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि नए कानून में मजदूरों के अधिकार मजबूत हैं और रोजगार गारंटी घटने वाली नहीं, बल्कि बढ़ी है। कांग्रेस और वाम दलों का मानना है कि राज्यों पर खर्च के बोझ से योजना कमजोर हो सकती है, लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि ग्रामीण विकास में राज्य भागीदार बनेंगे और कोऑपरेटिव फेडरलिज्म से लाभ होगा।
मजदूरों के हितों की गारंटी
VB-G RAM G योजना:
शिवराज सिंह चौहान ने जोर देकर कहा कि नया VB-G RAM G सिर्फ एक नई योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका से जुड़ा मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया, “यह केवल एक स्कीम का ट्रांजिशन नहीं है बल्कि करोड़ों मजदूरों के जीवन से जुड़ा मसला है। न कोई मजदूर एक दिन के लिए भी बेरोज़गार रहना चाहिए, न ही रोजगार जनरेशन, वेतन भुगतान या कानूनी अधिकारों में कोई व्यवधान होना चाहिए”।
उनका लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली नई अधिसूचनाओं के बाद भी एक भी श्रमिक को काम से नहीं वंचित होना पड़े। राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे श्रमिकों का पूरा ध्यान रखें: सभी काम ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के प्रस्तावों के आधार पर ही चयनित हों, और अंततः कोई भी मजदूर बिना काम-काज के न रह जाये। MGNREGA के तहत काम जारी रहेगा जब तक नया सिस्टम शुरू नहीं हो जाता; यानी 1 जुलाई तक पुराने ढांचे में भी काम बिना रुकावट चलता रहेगा।
राज्य स्तर पर जिम्मेदारियाँ
VB-G RAM G योजना:
प्रदेश सरकारों को कई निर्देश दिये गये हैं ताकि VB-G RAM G की शुरुआत सुचारू हो सके। इन्हीं तैयारियों में शामिल हैं:
- राज्य योजना अधिसूचना: जितनी जल्दी हो सके अपने राज्य के नियम अधिनियमित करें।
- पीक सीजन की घोषणा: कृषि की ऊँची फसल सत्रों की समय-सीमा घोषित कर दें।
- e-KYC और पंजीकरण: सभी लाभार्थियों की आधार आधारित e-KYC सुनिश्चित करें।
- जागरूकता कार्यक्रम: जिले और ब्लॉक स्तर पर ग्रामीणों को नई योजना की जानकारी दें और प्रशिक्षण शिविर लगाएँ।
- डिजिटल तैयारी: DBT, SMS सूचना प्रणाली और फेस ऑथेंटिकेशन का परीक्षण पूरा करें ताकि भुगतान और मॉनिटरिंग में देरी न हो।
- संबद्ध काम: नई योजना के तहत होने वाले काम ग्राम पंचायतों की Gram Sabhas की मंज़ूरी से होंगे।
इन सभी पहलों का उद्देश्य है कि 1 जुलाई से VB-G RAM G योजना लागू होते ही श्रमिकों को तत्काल काम मिले और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे का निर्माण ज़ोर-शोर से चल सके।
VB-G RAM G योजना:
कुल मिलाकर VB-G RAM G योजना ग्रामीण रोज़गार में एक बड़ी पहल है। ₹95,692 करोड़ की तत्काल राशि आवंटित करने से संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार ग्रामीण विकास और रोजगार गारंटी को प्राथमिकता दे रही है। 125 दिन की अतिरिक्त रोजगार गारंटी, नई आर्थिक साझेदारी और उच्च बजटीय प्रावधान से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि ग्रामीण मजदूरों को एक दिन के लिए भी काम की कमी नहीं झेलनी पड़ेगी।
यह योजना MGNREGA की विरासत को आगे बढ़ाती है, जहां अब पुराने 100 दिनों के बजाय 125 दिन की गारंटी मिलेगी, और साथ ही नए ग्रामीण अवसंरचना के काम भी जोड़े जाएंगे। राज्य सरकारें तैयारी में जुटी हैं और केंद्र कह रहा है कि पूरा ट्रांजिशन बिना किसी व्यवधान होगा। यदि योजना के प्रावधान ठीक से लागू हुए, तो यह घोषणा साबित करेगी कि ग्रामीण भारत को ‘विकसित भारत’ की राह पर तीन गुना तेजी से आगे बढ़ना है।
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