EVM Tampering विवाद ने West Bengal की राजनीति को हिला कर रख दिया है। Election Commission of India (EC) ने 2 May को बड़ा कदम उठाते हुए 15 polling stations पर repoll कराने का आदेश दिया है। यह फैसला उन गंभीर शिकायतों के बाद लिया गया है जिनमें EVM के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे थे।
EC के अनुसार, Representation of the People Act, 1951 की Section 58(2) के तहत इन polling stations पर हुए मतदान को रद्द कर दिया गया है। अब इन सभी जगहों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया जा रहा है।
Repoll कहां हो रहा है? (Locations & Scale)
EVM Tampering:
यह repoll South 24 Parganas district के दो महत्वपूर्ण assembly constituencies में कराया जा रहा है:
- Magrahat Paschim – 11 polling stations
- Diamond Harbour – 4 polling stations
इन दोनों क्षेत्रों में चुनाव पहले से ही राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
EVM Tampering के आरोप क्या हैं?
EVM Tampering:
इस पूरे विवाद की जड़ में कम से कम 77 शिकायतें हैं जो 29 April को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान सामने आईं।
इन शिकायतों में आरोप लगाए गए कि:
- कुछ EVM buttons पर adhesive tape लगाया गया था
- कुछ बटन को ink से काला किया गया था
- कुछ मशीनों में ‘attar’ (सुगंधित तेल) डाला गया था
- इससे वोट डालने में बाधा आ सकती थी
- कुछ मामलों में voter intimidation की भी आशंका जताई गई
इन आरोपों ने चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
EC का आधिकारिक रुख
EVM Tampering:
Election Commission of India ने कहा कि:
- Returning Officers और observers की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई
- जहां भी चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई, वहां मतदान रद्द करना जरूरी था
- free and fair election सुनिश्चित करना EC की प्राथमिक जिम्मेदारी है
EC ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों की जांच की गई और केवल गंभीर मामलों में ही repoll का निर्णय लिया गया।
Political Clash: BJP vs TMC
इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
BJP का आरोप
Bharatiya Janata Party (BJP) ने ruling party TMC पर सीधा आरोप लगाया है कि:
- EVM tampering साजिश के तहत की गई
- स्थानीय प्रशासन और ruling party के कार्यकर्ता इसमें शामिल हो सकते हैं
TMC का जवाब
Trinamool Congress (TMC) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा:
- Central forces biased हैं
- BJP चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहती है
- EVM विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है
इस तरह West Bengal में चुनावी माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है।
Supreme Court में TMC की बड़ी कानूनी लड़ाई
EVM Tampering विवाद के बीच TMC ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने सीधे Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया है।
मामला क्या है?
TMC ने Election Commission के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें:
- Counting duty से state government employees को बाहर रखा गया
- केवल central government और PSU employees को counting staff बनाया गया
TMC का कहना है कि यह फैसला:
- federal structure के खिलाफ है
- state administration को नजरअंदाज करता है
- चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है
Supreme Court में आज सुनवाई
EVM Tampering:
इस मामले पर 2 May को Supreme Court की special bench सुनवाई करने वाली है। यह सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि:
- Election results 4 May को आने वाले हैं
- Counting process पर फैसला सीधे परिणामों को प्रभावित कर सकता है
Background: Calcutta High Court का फैसला
इससे पहले TMC इस मामले को Calcutta High Court में ले गई थी।
High Court ने कहा:
- Election Commission का फैसला वैध है
- इसमें कोई illegality नहीं है
- EC को चुनाव संचालन में स्वतंत्र अधिकार है
High Court के इस फैसले के बाद TMC ने Supreme Court का रुख किया।
Counting Process क्यों बना बड़ा मुद्दा?
Counting process चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें transparency और neutrality बेहद जरूरी होती है।
विवाद के मुख्य बिंदु:
- Central vs State control
- Neutral staff की नियुक्ति
- Election fairness का सवाल
Experts का मानना है कि:
अगर counting process पर भरोसा कमजोर हुआ, तो चुनाव परिणामों की credibility पर असर पड़ सकता है।
Ground Situation: Voters और माहौल
Repoll के दौरान ground पर स्थिति:
- Security forces की भारी तैनाती
- Voting process पर कड़ी निगरानी
- Voters में उत्साह और सतर्कता दोनों
कई मतदाताओं ने कहा कि:
- वे चाहते हैं कि उनका vote सही तरीके से दर्ज हो
- EVM पर भरोसा बहाल होना जरूरी है
Election Integrity पर बड़ा सवाल
EVM Tampering विवाद ने एक बार फिर भारत में चुनाव प्रणाली पर बहस तेज कर दी है।
उठ रहे प्रमुख सवाल:
- क्या EVM पूरी तरह सुरक्षित हैं?
- क्या ground-level monitoring पर्याप्त है?
- क्या political interference रोका जा सकता है?
हालांकि EC लगातार कहता रहा है कि:
- EVM tamper-proof हैं
- multi-layer security system मौजूद है
फिर भी इस तरह के आरोप जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं।
आगे क्या होगा?
- 2 May → Repoll और Supreme Court hearing
- 4 May → Final counting और results
इन दोनों तारीखों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
EVM Tampering विवाद और EC Repoll का फैसला West Bengal चुनाव को और ज्यादा हाई-वोल्टेज बना चुका है। एक तरफ Election Commission fairness सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
TMC का Supreme Court जाना इस बात का संकेत है कि यह चुनाव सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी और संवैधानिक स्तर पर भी लड़ाई जारी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है:
👉 क्या repoll और court के फैसले के बाद जनता का भरोसा मजबूत होगा?
👉 या यह विवाद आने वाले समय में और गहराएगा?
इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।
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