Delhi में Worker-Farmer Parliament का आयोजन, India-US Trade Deal के खिलाफ किसानों का विरोध

Jantar Mantar पर किसानों और मजदूरों का बड़ा कार्यक्रम

किसान संगठनों के समूह Samyukta Kisan Morcha (SKM) के बैनर तले आज Delhi के Jantar Mantar पर Worker-Farmer Parliament का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश के कई किसान और मजदूर संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

यह आयोजन प्रस्तावित India-US Trade Deal के विरोध में किया जा रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि यह व्यापार समझौता किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है।

Trade Deal को लेकर किसानों की चिंता

किसान नेताओं का कहना है कि अगर India और US के बीच यह व्यापार समझौता लागू होता है, तो इससे कृषि क्षेत्र पर असर पड़ सकता है।

उनका मानना है कि ऐसे समझौतों के कारण विदेश से आने वाले कृषि उत्पादों की संख्या बढ़ सकती है। इससे स्थानीय किसानों को अपने उत्पादों के लिए उचित कीमत मिलने में कठिनाई हो सकती है।

किसान संगठनों का कहना है कि सरकार को किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसानों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Worker-Farmer Parliament का उद्देश्य

Worker-Farmer Parliament का उद्देश्य किसानों और मजदूरों की समस्याओं को एक मंच पर उठाना है।

इस कार्यक्रम में कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जैसे कृषि नीतियां, किसानों की आय, बाजार व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रभाव।

आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार और जनता तक किसानों की चिंताओं को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

देशभर में आयोजित होंगी Kisan Mahapanchayats

Samyukta Kisan Morcha (SKM) ने घोषणा की है कि यह विरोध केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा।

संगठन ने बताया कि 10 मार्च से देश के अलग-अलग हिस्सों में Kisan Mahapanchayats आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं में बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की उम्मीद है।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को एकजुट करना और कृषि से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना है।

किसानों की मांगों पर चर्चा की तैयारी

किसान संगठनों का कहना है कि Kisan Mahapanchayats के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

इनमें कृषि लागत, न्यूनतम समर्थन मूल्य, बाजार तक पहुंच और व्यापार नीतियों का प्रभाव जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।

किसान नेताओं का मानना है कि इन बैठकों से किसानों के बीच संवाद बढ़ेगा और उनकी समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी।

शांतिपूर्ण विरोध की अपील

आयोजकों ने सभी किसानों और मजदूरों से शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है।

किसान संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य संवाद के माध्यम से अपनी चिंताओं को सामने लाना है ताकि कृषि क्षेत्र के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।