पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का कहर, पांच लोग संक्रमित, दो नर्सों की हालत गंभीर

बारासात के निजी अस्पताल से फैली महामारी, 100 से ज्यादा लोग क्वारंटीन, टी20 वर्ल्ड कप के बीच बढ़ी टेंशन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस ने दस्तक दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके में अब तक इस घातक वायरस के पांच मामले सामने आए हैं। इनमें दो नर्सों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इमरजेंसी मोड पर काम करना शुरू कर दिया है और करीब 100 लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है ।

बारासात के अस्पताल से फैली वायरस की एंट्री

ऐसा बताया जा रहा है कि निपाह वायरस का यह प्रकोप बारासात के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से शुरू हुआ है। यहां पांच मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई है। सबसे खतरनाक बात यह है कि इन पांच में से तीन लोग हेल्थकेयर वर्कर हैं, जो मरीजों का इलाज कर रहे थे। यानी यह वायरस अस्पताल के अंदर तेजी से फैल रहा है । सभी संक्रमित मरीजों को कोलकाता के एक स्पेशल इंफेक्शियस डिजीज अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।

क्या है निपाह वायरस और कितना खतरनाक?

निपाह वायरस को कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, इस वायरस से मरने वालों की संख्या 40 से 75 फीसदी तक हो सकती है । यह वायरस जानवरों, खासकर फल खाने वाले चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। इसका कोई टीका या दवा अभी तक नहीं बनी है। इस वायरस की वजह से तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ होती है। गंभीर मामलों में यह दिमाग में सूजन पैदा कर देता है, जिससे मौत भी हो सकती है ।

टी20 वर्ल्ड कप के बीच बढ़ी टेंशन

यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में भी मैच होने हैं। ऐसे में इस वायरस ने प्रशंसकों और खिलाड़ियों की टेंशन बढ़ा दी है । कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा गया है कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने अपने खिलाड़ियों को भारत न भेजने की सलाह दी थी, हालांकि बाद में इन खबरों का खंडन किया गया ।

बीसीसीआई ने साफ किया है कि टूर्नामेंट पर कोई खतरा नहीं है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, “हम किसी भी स्वास्थ्य जोखिम को गंभीरता से लेते हैं। फिलहाल हमें कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा। कोलकाता से मैच हटाने का कोई सवाल ही नहीं है” ।

सरकार ने कहा- स्थिति काबू में

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले साल दिसंबर से अब तक पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के सिर्फ दो मामले सामने आए हैं। मंत्रालय ने कहा कि संक्रमितों के संपर्क में आए 196 लोगों की पहचान कर उनकी जांच की गई, जो नेगेटिव पाई गई। सरकार ने कहा कि मीडिया में चल रही “अटकलों और गलत आंकड़ों” पर ध्यान न दिया जाए ।

हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सरकार टी20 वर्ल्ड कप के मद्देनजर असली आंकड़े छुपा रही है और पांच मामले सामने आ चुके हैं । ऐसे में सच्चाई क्या है, यह तो वक्त ही बताएगा।

एशियाई देशों में हड़कंप

निपाह वायरस के मामलों ने पड़ोसी देशों की टेंशन भी बढ़ा दी है। थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और म्यांमार ने अपने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। भारत से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है ।

WHO ने दी सलाह

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने कहा है कि निपाह वायरस के मामले दुर्लभ हैं, लेकिन यह बीमारी बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार 190 से ज्यादा लोगों पर नजर रख रही है और अब तक किसी में लक्षण नहीं दिखे हैं। उन्होंने कहा कि इस आउटब्रेक से जुड़ा कोई भी मामला भारत के बाहर नहीं पाया गया है ।

फिलहाल पश्चिम बंगाल में हेल्थ अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वह कच्चे फल न खाएं, चमगादड़ों के संपर्क में न आएं और किसी भी तरह के बुखार या लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।