कर्नाटक मंत्री प्रियांक खड़गे का बीजेपी पर हमला, बोले- ‘विदेश नीति गिरवी रख दी’

अमेरिकी अधिकारियों के बयानों पर चुप्पी का आरोप, कहा- देश की गरिमा से किया समझौता

बेंगलुरु: कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों के बयानों का सख्त जवाब न देकर देश की विदेश नीति को ‘गिरवी’ रख दिया है। खड़गे ने कहा कि सरकार की चुप्पी से भारत की गरिमा से समझौता हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, हाल ही में कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने भारत की ऊर्जा नीति और आर्थिक विकास को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं। इन बयानों पर भारत सरकार की तरफ से कोई सख्त जवाब नहीं आया। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने बीजेपी सरकार को घेरा है।

प्रियांक खड़गे ने कहा, “आज की सरकार ने देश की विदेश नीति को पूरी तरह अमेरिका के हवाले कर दिया है। जब अमेरिकी अधिकारी हमारी अंदरूनी नीतियों पर सवाल उठाते हैं, तो इस सरकार के पास कोई जवाब नहीं होता। उनकी चुप्पी साफ बताती है कि वे देश की संप्रभुता की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं।”

कांग्रेस सरकारों से की तुलना

खड़गे ने आगे कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने अमेरिका सहित किसी भी देश के दबाव में आकर भारत के हितों से समझौता नहीं किया था। उन्होंने कहा, “पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर डॉक्टर मनमोहन सिंह तक, कांग्रेस सरकारों ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज बुलंद की। चाहे 1971 का युद्ध हो या परमाणु परीक्षण, कांग्रेस सरकारों ने कभी किसी देश के सामने घुटने नहीं टेके। लेकिन आज की सरकार ने विदेश नीति को अमेरिका के सामने बेच दिया है।”

‘देश की गरिमा से खिलवाड़’

कर्नाटक के मंत्री ने कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के अधिकारी भारत के आंतरिक मामलों पर बयान देते हैं, तो उसका जवाब देना हर सरकार का कर्तव्य होता है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की विदेश नीति हमेशा साफ रही है। हम किसी के दबाव में नहीं आते। लेकिन मौजूदा सरकार न तो अमेरिकी बयानों पर प्रतिक्रिया देती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होने देती है। यह देश की गरिमा के साथ खिलवाड़ है।”

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

प्रियांक खड़गे के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार से पूछा है कि आखिर वह अमेरिकी अधिकारियों के बयानों पर चुप क्यों है।

वहीं, बीजेपी प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह स्वतंत्र है और देश के हित में ही फैसले लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में भारत का कद बढ़ाया है और आज हर देश भारत की इज्जत करता है।

क्या है आगे की राह?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आगे चलकर और गरमा सकता है। चुनावी साल में इस तरह के बयान राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं। फिलहाल प्रियांक खड़गे के बयान के बाद कर्नाटक की सियासत गरमा गई है।

फिलहाल देखना यह है कि केंद्र सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और क्या वह विदेश नीति को लेकर अपना पक्ष रखती है। साफ है कि विदेश नीति अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मामला नहीं रह गया है, बल्कि देश की अंदरूनी राजनीति में भी इसे हथियार बनाया जा रहा है।